सोमवार, 19 अक्टूबर 2026

Kobra News
व्यापार (Business)

सितंबर में भारत के निजी क्षेत्र की कारोबारी गतिविधियों में सुधार देखने को मिला है। HSBC Flash Composite PMI बढ़कर 56.5 पर पहुंच गया, जबकि नए ऑर्डर, उत्पादन और रोजगार में भी मजबूती के संकेत मिले हैं।

लेखक Admin·
सितंबर में भारत के निजी क्षेत्र की कारोबारी गतिविधियों में सुधार देखने को मिला है। HSBC Flash Composite PMI बढ़कर 56.5 पर पहुंच गया, जबकि नए ऑर्डर, उत्पादन और रोजगार में भी मजबूती के संकेत मिले हैं।

नई दिल्ली, 23 सितंबर 2026:

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सितंबर महीने में अच्छी खबर सामने आई है। देश के निजी क्षेत्र में कारोबारी गतिविधियों ने अगस्त की तुलना में तेज रफ्तार पकड़ी है। HSBC Flash Composite Purchasing Managers' Index (PMI) सितंबर में बढ़कर 56.5 हो गया, जबकि अगस्त में यह 54.3 पर था।

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर, दोनों में कारोबारी गतिविधियों में सुधार देखने को मिला है। खासतौर पर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने इस तेजी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

नए ऑर्डर और उत्पादन में बढ़ोतरी

सितंबर के दौरान कंपनियों को मिलने वाले नए ऑर्डर में भी तेजी दर्ज की गई। बढ़ती मांग का असर उत्पादन पर भी दिखाई दिया और कंपनियों की गतिविधियां मजबूत हुईं।

रिपोर्ट के अनुसार, रोजगार के मोर्चे पर भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। निजी कंपनियों में भर्ती गतिविधियों में सुधार हुआ है, जो अर्थव्यवस्था में कारोबारी भरोसे के मजबूत होने का संकेत माना जा रहा है।

महंगाई के दबाव में राहत

बिजनेस गतिविधियों में तेजी के साथ एक और सकारात्मक बात सामने आई है। सितंबर में महंगाई से जुड़े दबाव में कुछ कमी देखने को मिली है। इससे कंपनियों की लागत और भविष्य की कारोबारी योजनाओं को लेकर सकारात्मक माहौल बनने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों के लिए PMI का 50 से ऊपर रहना विस्तार का संकेत माना जाता है। सितंबर का 56.5 का आंकड़ा बताता है कि भारतीय निजी क्षेत्र में गतिविधियां लगातार विस्तार के दौर में हैं।

भारत की ग्रोथ को मिल सकता है सपोर्ट

भारत की आर्थिक वृद्धि को लेकर भी हाल के दिनों में सकारात्मक अनुमान सामने आए हैं। Fitch ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की GDP growth का अनुमान बढ़ाकर 6.9% कर दिया है, जबकि S&P Global Ratings ने इसे 7% तक पहुंचने का अनुमान जताया है।

हालांकि, वैश्विक स्तर पर ऊर्जा कीमतों, महंगाई और भू-राजनीतिक परिस्थितियों से जुड़े जोखिम अभी भी बने हुए हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में कारोबारी गतिविधियों की रफ्तार पर नजर बनी रहेगी।

कुल मिलाकर, सितंबर के PMI आंकड़े भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत दे रहे हैं। मजबूत ऑर्डर, उत्पादन और रोजगार में सुधार आने वाले महीनों में घरेलू कारोबार और निवेश के लिए बेहतर माहौल तैयार कर सकते हैं।

शेयर करें